Monday, March 9, 2026
बोध कथा (एकता की शक्ति )
बोध कथा (एकता की शक्ति )
एक बार गुजरात के बारदौली जिले के एक गांव के लोगों ने सरदार पटेल से कहा, 'हमारे गांव में डाकुओं ने कहर बरपाया हुआ है। हमें उनके आतंक से बचने का कोई उपाय बताइए।'
ग्रामीणों की बात सुनकर सरदार ने पूछा, 'गांववासियों की संख्या कुल मिलाकर कितनी है?' गांव का मुखिया बोला, 'यही कोई सात सौ।' पटेल बोले, 'सात सौ में कम से कम दो सौ व्यक्ति तो ऐसे होंगे जो जवान व स्वस्थ होंगे। फिर आप लोग घबरा क्यों रहे हैं?
डाकुओं की संख्या कितनी होगी- सात, आठ या ज्यादा से ज्यादा दस। आप लोगों की संख्या उनसे काफी ज्यादा है। आप आपस में एकजुट होकर हिम्मत के साथ उनका मुकाबला कीजिए। जब उन्हें इस गांव की एकता का पता चलेगा तो वे आपकी तरफ झांकेंगे भी नहीं।'
सरदार पटेल की बात सुनकर ग्रामीणों में नया जोश जागा। अगली बार ज्यों ही डाकू आए, सारे ग्रामीण एकजुट होकर उनका मुकाबला करने चले आए। ग्रामीणों में अचानक आए इस बदलाव से डाकू घबरा गए ।
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