Tuesday, June 9, 2026

बोधकथा (एकजुटता की शक्ति)

बोधकथा (एकजुटता की शक्ति)

एक बार सरदार वल्लभभाई पटेल गुजरात के बारडोली क्षेत्र के एक गाँव में आए थे। उस गाँव के लोगों ने उनसे कहा, “हमारे गाँव में डाकुओं ने बहुत परेशानी पैदा कर रखी है। उनकी भय से हमें बचाने का कोई उपाय बताइए।” गाँव वालों की बात सुनकर सरदार ने पूछा, “तुम्हारे गाँव में कुल कितने लोग हैं?” गाँव के मुखिया ने कहा, “लगभग सात सौ।” इस पर पटेल बोले, “सात सौ लोगों में कम-से-कम दो सौ तो युवा और मजबूत होंगे। तुम्हारी संख्या उनसे कहीं अधिक है। तुम सब एकजुट होकर और साहस के साथ उनका सामना करो। जब उन्हें तुम्हारे गाँव की एकता का एहसास होगा, तब वे तुम्हारी ओर मुड़कर भी नहीं देखेंगे।”
सरदार पटेल के ये शब्द सुनकर गाँव वालों में नया उत्साह जाग उठा। अगली बार जब डाकू आए, तो सभी गाँव वाले एकजुट होकर उनका सामना करने के लिए खड़े हो गए। गाँव वालों में आए इस अचानक परिवर्तन को देखकर डाकू डर गए।

बोधकथा (एकजुटता की शक्ति)

बोधकथा (एकजुटता की शक्ति) एक बार सरदार वल्लभभाई पटेल गुजरात के बारडोली क्षेत्र के एक गाँव में आए थे। उस गाँव के लोगों ने उनसे कहा, “हमारे गा...