Monday, March 9, 2026
बोध कथा (कोयला और चंदन )
बोध कथा (कोयला और चंदन )
एक बार एक ऋषि ने अपने शिष्यों को एक महत्वपूर्ण बात का उपदेश दिया, जो उनके शिष्यों को जीवन में सबसे बड़ा संदेश लगा । एक बार ऋषि ने सभी शिष्यों को कहा कि एक कोयले का दुकड़ा और एक चंदन का टुकड़ा हाथ में पूरी रात रखो और सुबह मेरे पास आओ । सभी शिष्यों ने यह किया । जब सुबह को सभी शिष्य गुरु ऋषि के पास पहुचे तो ऋषि ने कहा अब ये सब टुकड़े कचरे के डिब्बे में फेक दो । शिष्यों को कुछ समझ में नहीं आया । पर गुरु ने जैसा कहा , वैसा उन्होने किया । अब गुरु ने कहा – अपने दोनों हाथ देखो जिस हाथ में कोयला रात भर था वो हाथ का पंजा काला हो गया है और जिस हाथ में चंदन था , उस हाथ का पंजा सुगंधित हो गया है । इसी तरह गलत संगति हमे दुख और बदनामी देती है और अच्छी संगति हमे ज्ञान, सुख और गुण देती है ।
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