बोध कथा (विद्या का दुरुपयोग)
चार मित्र थे । उन्होने गुरुकुल में मृत शरीर को फिर से जीवित करने की विद्या सीखी । जब उनका शिक्षण पूरा हुआ तो उनके गुरु ने उन्हे समझाया की इस विद्या का उपयोग सोच समझ कर ही करना नहीं तो आपदा आ सकती है ।
वे चारो मित्र गुरुकुल से अपने घर की तरह आ रहे थे । रास्ते में एक जंगल था । जब वे जंगल से गुजर रहे थे तो उन्हे शेर का एक मृत शरीर मिला, जिसकी हड्डियाँ बिखरी हुई थी । उन चारो मित्रो ने आपस में कहा कि यही मौका है हमे अपनी विद्या का उपयोग करना चाहिए । उन चारो मित्रों ने शेर की सारी हड्डियाँ एकत्रित की और उस पर दिव्य लेप लगाया और मंत्रो का उच्चारण किया । देखते ही देखते कुछ ही समय में शेर जीवित हो गया । वे चारों मित्र अत्यंत प्रसन्न हुवे। शेर ने उन चारो मित्रों पर हमला कर दिया और उन्हे खा गया ।
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